भारत में कृषि एक जीवनरेखा की तरह है, लेकिन मूसलाधार बारिश, सूखा, ओलावृष्टि या कीट संक्रमण जैसी आपदाओं के कारण किसानों को जोखिम का सामना करना पड़ता है। इसी जोखिम से निपटने के लिए केंद्र सरकार की Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025-26 एक महत्वपूर्ण योजना है। इस लेख में हम इस योजना की जिला-वार सूची, कवरेज और अन्य जरूरी जानकारी को सरल और स्पष्ट तरीके से समझेंगे।
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025-26 क्या है?
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025-26 भारत सरकार द्वारा किसानों को फसल नुकसान के वित्तीय नुकसान से बचाने के लिए चलाई जा रही एक फसल बीमा योजना है। यह योजना किसानों को बीमा सुरक्षा देती है ताकि प्राकृतिक आपदाओं की वजह से उठने वाले आर्थिक बोझ को कम किया जा सके।
इस योजना के तहत किसान बीमा प्रीमियम का एक छोटा हिस्सा ही भरते हैं, जबकि शेष प्रीमियम सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दिया जाता है। इसका उद्देश्य है कि जोखिम की स्थिति में किसान का उत्पादन नुकसान का बोझ कम किया जाए और वह आर्थिक रूप से स्थिर रह सके।
PMFBY 2025-26 के तहत कौन-कौन लाभ ले सकते हैं?
PMFBY 2025-26 का लाभ उठाने के लिए किसान को कुछ शर्तें पूरी करनी होती हैं:
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वह भारत का स्थायी निवासी होना चाहिए।
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उसने बीमाधारक फसल के लिए समय पर आवेदन किया हो।
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उसके पास खेती की भूमि का सही रिकॉर्ड या प्रमाण हो।
योजना में फसल बुवाई से पहले आवेदन करना अनिवार्य है, ताकि बीमा कवरेज समय पर लागू हो सके।
PMFBY 2025-26: कवरेज (बीमा सुरक्षा) क्या मिलता है?
PMFBY 2025-26 कवरेज को मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा जाता है:
1. प्राकृतिक आपदाओं से नुकसान
इसमें शामिल हैं:
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सुखाड़ / सूखा
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मूसलाधार बारिश
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ओलावृष्टि
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तूफान / चक्रवात
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बाढ़
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भूस्खलन
2. कीट/रोग के कारण नुकसान
कुछ विशेष फसलों पर कीट संक्रमण या रोग फैलने से होने वाले नुकसान को भी कवरेज में शामिल किया जाता है।
3. नुकसान का मूल्यांकन और मुआवजा
राज्य सरकार और केंद्र सरकार द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार नुकसान का क्षेत्रीय स्तर पर मूल्यांकन होता है। इसके बाद बीमा कंपनी किसानों को मुआवजा भुगतान करती है।
PMFBY 2025-26 जिलेवार सूची (District-wise List)
हर साल Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025-26 के लिए कवरेज के अंतर्गत आने वाले जिलों की एक जिला-वार सूची जारी की जाती है। इस सूची से किसान यह पता लगा सकते हैं कि उनके जिले में कौन-सी फसलें बीमा के अंतर्गत आती हैं और कवरेज की स्थिति क्या है।
यह सूची व्यापक होती है और राज्य के हर जिले के लिए अलग-अलग फसल कवरेज के विवरण से भरी होती है। आम तौर पर यह सूची बीमा कंपनी, राज्य कृषि विभाग या कृषि सचिवालय की वेबसाइट पर प्रकाशित की जाती है। किसान इसे अपने नजदीकी कृषि कार्यालय या डिजिटल पोर्टल से देख सकते हैं।
उदाहरण के लिए (सामान्य प्रारूप):
| जिला | फसल | कवरेज स्थिति |
|---|---|---|
| पुणे | गहूँ, मका | कवरेज उपलब्ध |
| नाशिक | सोयाबीन, कपास | कवरेज उपलब्ध |
| औरंगाबाद | बाजरा, मूँग | कवरेज सीमित |
ध्यान दें कि यह सिर्फ एक उदाहरण है। असली जिला-वार सूची हर वर्ष बदलती रहती है और इसे संबंधित सरकारी वेबसाइट से डाउनलोड या जांचना बेहतर रहता है।
PMFBY 2025-26 के लिए आवेदन कैसे करें?
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025-26 के लिए आवेदन प्रक्रिया आसान बनाई गई है, ताकि किसान समय पर अपना आवेदन जमा कर सकें:
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आवेदन फॉर्म प्राप्त करें:
किसान अपने नजदीकी बीमा अभिकर्ता, बैंक शाखा या कृषि विभाग कार्यालय से फॉर्म ले सकते हैं। -
फॉर्म भरें:
फसल, क्षेत्रफल, भूमि का प्रकार आदि विवरण भरें। -
आवेदन समय पर जमा करें:
बीमा कवरेज लागू होने के लिए समय सीमा का पालन जरूरी है। आम तौर पर यह फसल बुवाई के पहले तय होती है। -
बैंक/बीमा कंपनी के माध्यम से:
बहुत से राज्य अब डिजिटली भी आवेदन स्वीकार करते हैं। बैंक खाते के जरिए भी आवेदन और भुगतान संभव है।
PMFBY 2025-26 में प्रीमियम और सब्सिडी
PMFBY 2025-26 प्रीमियम किसानों के लिए सुलभ रखने की कोशिश की जाती है। किसान को प्रीमियम का एक छोटा हिस्सा ही देना होता है, जैसे कि कुछ फसलों के लिए 2%-5% तक। शेष प्रीमियम सरकार सब्सिडी के रूप में देती है।
इससे किसानों का जोखिम कम होता है और वे नुकसान की स्थिति में बीमा राशि प्राप्त कर सकते हैं।
PMFBY 2025-26: नुकसान का मूल्यांकन कैसे होता है?
जब कोई प्राकृतिक आपदा होती है और फसल को नुकसान होता है, तो राज्य सरकार और बीमा कंपनी एक साथ मिलकर नुकसान का मूल्यांकन करते हैं। यह मूल्यांकन क्षेत्रीय स्तर पर होता है और उसके आधार पर ही मुआवजा राशि तय होती है।
किसान को अक्सर अपने प्लॉट की फोटो, नुकसान की रिपोर्ट और प्रमाण देना होता है ताकि सही तरीके से जांच हो सके।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का महत्व
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किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है।
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आपदाओं के समय वित्तीय बोझ कम होता है।
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किसान आत्मविश्वास के साथ खेती कर सकते हैं।
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कृषि क्षेत्र में स्थिरता आती है।
निष्कर्ष
Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana 2025-26 किसानों को खेती के जोखिम से निपटने में मदद करती है। जिला-वार सूची और कवरेज की जानकारी किसानों को यह समझने में मदद करती है कि कौन-सी फसलें उनके इलाके में बीमा के अंतर्गत आती हैं और कैसे वे आवेदन कर सकते हैं। समय पर आवेदन, सही विवरण और नुकसान के मूल्यांकन की प्रक्रिया को समझ कर किसान इस योजना का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
अगर आप किसान हैं या कृषि से जुड़े हैं, तो इस योजना को अपनी फसल योजना में शामिल करना समझदारी भरा कदम हो सकता है।

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