भारत में जैविक खेती कैसे शुरू करें?

Darshnik R P
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 भारत में जैविक खेती (Organic Farming) अब सिर्फ एक ट्रेंड नहीं, बल्कि कृषि क्षेत्र में लंबी दौड़ का स्थायी मॉडल बन चुका है। उपभोक्ता स्वास्थ्य को लेकर जागरूक हो रहे हैं, सरकार सब्सिडी दे रही है, और किसान बेहतर लाभ के लिए इसका रुख कर रहे हैं। अगर आप भी जैविक खेती की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह मार्गदर्शिका आपके लिए एक रणनीतिक ब्लूप्रिंट साबित होगी।


जैविक खेती क्या है?

जैविक खेती वह पद्धति है जिसमें रासायनिक खाद, कीटनाशक और हानिकारक एजेंटों का उपयोग नहीं किया जाता। इसके बजाय प्राकृतिक खाद, जीवाणु आधारित घोल, फसल चक्र और मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता पर जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य है—

  • मिट्टी का स्वास्थ्य सुधरना

  • फसलों की गुणवत्ता बढ़ाना

  • पर्यावरण को सुरक्षित रखना

                                                   
जैविक खेती शुरू करने की गाइड भारत में

भारत में जैविक खेती क्यों तेजी से बढ़ रही है?

कृषि क्षेत्र में यह बदलाव सिर्फ एक फैशन नहीं, बल्कि कठोर बाज़ार संकेतों पर आधारित है।

  • जैविक उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय मांग बढ़ रही है

  • बाजार में 20–30% अधिक दाम मिलते हैं

  • उपज की गुणवत्ता और shelf-life बेहतर होती है

  • सरकारी सहायता व सर्टिफिकेशन स्कीम किसानों को बढ़ावा देती हैं

इन ट्रेंड्स को देखकर यह साफ है — जो किसान आज जैविक खेती अपनाएंगे, वे भविष्य की कृषि अर्थव्यवस्था में अग्रणी रहेंगे।


भारत में जैविक खेती कैसे शुरू करें? (स्टेप-बाय-स्टेप गाइड)

1. मिट्टी की जाँच कराएं (Soil Testing)

किसी भी खेती की शुरुआत मिट्टी से ही होती है।
Krishi Vigyan Kendra या Soil Testing Labs में टेस्ट कराकर यह पता लगाएं:

  • pH Value

  • Organic Carbon

  • Micro-Nutrients

  • Texture

यह रिपोर्ट आपकी पूरी खेती रणनीति का foundation बनेगी।


2. फसल चयन रणनीति (Crop Planning Strategy)

आपको ऐसे फसल मॉडल चुनने चाहिए जो जैविक खेती में उच्च लाभ देते हैं:

  • दालें (चना, मूंग, अरहर)

  • बाजरा, ज्वार

  • सब्जियाँ (टोमैटो, बैंगन, लौकी, भिंडी)

  • मसाले (हल्दी, अदरक, धनिया)

  • फल (पपीता, अमरूद, केला, अनार)

स्मार्ट मूव: फसल चक्र (Crop Rotation) और मिश्रित खेती (Intercropping) अपनाकर उपज और लाभ बढ़ाएं।

अधिक जानकारी के लिए यह पढ़ें -ब्रीड सेलेक्शन: गोट फ़ार्मिंग की ग्रोथ का असली पावरहाउस


3. प्राकृतिक खाद तैयार करें

जैविक खेती की असली ताकत यही है।

  • वर्मी कम्पोस्ट

  • जीवामृत

  • घनजीवामृत

  • पंचगव्य

  • जैविक नीम खली

इनका उपयोग न सिर्फ लागत घटाता है, बल्कि मिट्टी की Structure और Fertility को लंबे समय तक मजबूत करता है।


4. जैविक कीट प्रबंधन (Bio-Pest Management)

कीटनाशक छिड़कने का जमाना खत्म। अब सॉल्यूशन चाहिए जो मिट्टी को नुकसान न पहुँचाए।

  • नीम तेल स्प्रे

  • ट्राइकोडर्मा

  • Pheromone traps

  • Beauveria bassiana

  • Light traps

Corporate Advantage: एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM Model) अपनाएं — यह long-term value deliver करता है।


5. पानी और सिंचाई का प्रबंधन

जैविक खेती में Micro-Irrigation श्रेष्ठ model माना जाता है।

  • Drip irrigation

  • Mulching

  • Rainwater harvesting

इससे पानी की बचत 40% तक होती है और फसल के साथ मिट्टी भी स्वस्थ रहती है।


अधिक जानकारी के लिए यह पढ़ें -भारत में सबसे अच्छा दूध देने वाली गाय कौन सी है?


6. प्रमाणपत्र (Organic Certification) लें

यदि आप प्रीमियम मार्केट टारगेट कर रहे हैं, certification अनिवार्य है।
भारत में उपलब्ध विकल्प:

  • PKVY (Paramparagat Krishi Vikas Yojana)

  • NPOP Certification (APEDA)

  • PGS-India

एक बार प्रमाणपत्र मिल जाने पर Export Market भी आपके लिए खुल जाता है।


7. मार्केटिंग और ब्रांडिंग

आज खेती सिर्फ उत्पादन नहीं — मार्केट पोजिशनिंग भी है।

  • Instagram और Facebook Page

  • YouTube चैनल

  • WhatsApp Community

  • स्थानीय बाजार + ऑनलाइन प्लेटफॉर्म

पैकेजिंग और लेबलिंग को प्रोफेशनल बनाएं — ग्राहक भरोसा बढ़ता है।


जैविक खेती की लागत और लाभ

शुरुआती साल में लागत थोड़ी अधिक लग सकती है क्योंकि मिट्टी को Natural Mode में आने में समय लगता है। लेकिन तीसरे साल से:

  • मिट्टी की उपज शक्ति बढ़ जाती है

  • रासायनिक लागत शून्य के करीब पहुँच जाती है

  • उपज की कीमत बाजार में 25–40% अधिक मिलती है

यह सस्टेनेबल मॉडल है, जो long-term profitability देता है।

अधिक जानकारी के लिए यह पढ़ें -NDDB Organic Farming Guide

निष्कर्ष

जैविक खेती कोई तेजी से अमीर बनने का शॉर्ट-कट नहीं — यह disciplined, sustainable और high-value agriculture model है। जो किसान इसे योजनाबद्ध तरीके से अपनाते हैं, वे आने वाले वर्षों में बाज़ार के प्रीमियम सेगमेंट पर कब्ज़ा करेंगे।

अगर आप भारत में जैविक खेती शुरू करना चाहते हैं, तो ऊपर दिए गए कदम आपकी यात्रा को streamlined, scalable और profitable बनाएंगे।

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